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ज़िंदगी से उकता जाना
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पीरी में क्या जवानी के मौसम को रोइये
پیری میں کیا جوانی کے موسم کو روئیے
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शोला था जल बुझा हूँ हवाएँ मुझे न दो
شعلہ تھا جل بجھا ہوں ہوائیں مجھے نہ دو
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आख़िरी बार आह कर ली है
آخری بار آہ کر لی ہے
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ताक़त नहीं है दिल में ने जी बजा रहा है
طاقت نہیں ہے دل میں نے جی بجا رہا ہے
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