Adab Khana

आज का शेर

نازکی اس کے لب کی کیا کہیے پنکھڑی اک گلاب کی سی ہے

नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए पंखड़ी एक गुलाब की सी है

— मीर तक़ी मीर
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उर्दू शायरी के उस्तादों के मुंतख़ब अशआर