ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

ज़ुल्म

सभी 19अशआर 0ग़ज़ल 19
ग़ज़ल19
कुछ फ़ैसला तो हो कि किधर जाना चाहिए
کچھ فیصلہ تو ہو کہ کدھر جانا چاہیے
वहीं हैं दिल के क़राइन तमाम कहते हैं
وہیں ہیں دل کے قرائن تمام کہتے ہیں
दिल गए आफ़त आई जानों पर
دل گئے آفت آئی جانوں پر
मुश्किल है कि अब शहर में निकले कोई घर से
مشکل ہے کہ اب شہر میں نکلے کوئی گھر سے
मर भी जाऊँ तो कहाँ लोग भुला ही देंगे
مر بھی جاؤں تو کہاں لوگ بھلا ہی دیں گے
सभी देखें
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview