टॉप 20 सीरीज़

मीर तक़ी मीर के बेहतरीन अशआर का एक चुना हुआ संग्रह, जो उनकी शायरी की गहराई, दर्द और मोहब्बत को समेटे हुए है।

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پتا پتا بوٹا بوٹا حال ہمارا جانے ہے جانے نہ جانے گل ہی نہ جانے باغ تو سارا جانے ہے

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है जाने जाने गुल ही जाने बाग़ तो सारा जाने है

— मीर तक़ी मीर
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تشنۂ خوں ہے اپنا کتنا میرؔ بھی ناداں تلخی کش دم دار آب تیغ کو اس کے آب گوارا جانے ہے

तिश्ना-ए-ख़ून है अपना कितना मीर भी नादां तल्ख़ी-कश दम-दार आब-ए-तेग़ को उस के आब-ए-गवारा जाने है

— मीर तक़ी मीर
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ہستی اپنی حباب کی سی ہےیہ نمائش سراب کی سی ہے

हस्ती अपनी हबाब की सी हैयह नुमाइश सराब की सी है

— मीर तक़ी मीर
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نازکی اس کے لب کی کیا کہیے پنکھڑی اک گلاب کی سی ہے

नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए पंखड़ी एक गुलाब की सी है

— मीर तक़ी मीर
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میرؔ ان نیم باز آنکھوں میںساری مستی شراب کی سی ہے

मीर उन नीम-बाज़ आँखों मेंसारी मस्ती शराब की सी है

— मीर तक़ी मीर
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