शम्स-ए-बाज़िग़ा
شمس بازغہShams-e-baazigha
अर्थ
शाब्दिक अर्थ "उगता हुआ सूरज"। यह मुल्ला महमूद जौनपुरी द्वारा इस्लामी दर्शन और तर्क पर 17वीं सदी की एक प्रसिद्ध कृति का शीर्षक है।
उर्दू में अर्थ
لفظی معنی "طلوع ہونے والا سورج"۔ یہ ملا محمود جونپوری کی اسلامی فلسفے اور منطق پر 17ویں صدی کی ایک مشہور تصنیف کا عنوان ہے۔
संज्ञा · पुल्लिंग · अरबी
इस शब्द का इस्तेमाल करने वाले अशआर
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