Ta Hum Ko Shikayat Ki Bhi Baaqi Na Rahe Jaa

تا ہم کو شکایت کی بھی باقی نہ رہے جا

ता हम को शिकायत की भी बाक़ी न रहे जा

ग़ज़ल

१ मिनट पढ़ने में

تا ہم کو شکایت کی بھی باقی نہ رہے جا
سن لیتے ہیں گو ذکر ہمارا نہیں کرتے

Ta hum ko shikayat ki bhi baaqi na rahe jaa
Sun lete hain go zikr hamara nahin karte

ता हम को शिकायत की भी बाक़ी न रहे जा
सुन लेते हैं गो ज़िक्र हमारा नहीं करते

غالبؔ ترا احوال سنا دیں گے ہم ان کو
وہ سن کے بلا لیں یہ اجارا نہیں کرتے

Ghalib tera ahwaal suna denge hum un ko
Wo sun ke bula len yeh ijara nahin karte

ग़ालिब तिरा अहवाल सुना देंगे हम उन को
वो सुन के बुला लें यह इजारा नहीं करते


मिर्ज़ा ग़ालिब

शास्त्रीय

मिर्ज़ा ग़ालिब उर्दू के वो अज़ीम और मशहूर शायर हैं, जिन्होंने क्लासिकी और जदीद दौर के बीच एक पुल का काम किया, और जिनके शेर आज भी इंसानी ज़िन्दगी के हर पहलू को बयान करते हैं।

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