ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
आह-ओ-ज़ारी
सभी
42
अशआर
0
ग़ज़ल
42
ग़ज़ल
42
0
शेर के पर्दे में मैं ने ग़म सुनाया है बहुत
شعر کے پردے میں میں نے غم سنایا ہے بہت
0
हम से कुछ आगे ज़माने में हुआ क्या क्या कुछ
ہم سے کچھ آگے زمانے میں ہوا کیا کیا کچھ
0
न गनवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल रेज़ा रेज़ा गनवा दिया
نہ گنواؤ ناوک نیم کش دل ریزہ ریزہ گنوا دیا
0
यह जफ़ा-ए-ग़म का चारा वो नजात-ए-दिल का आलम
یہ جفائے غم کا چارہ وہ نجات دل کا عالم
0
अगर छोटा भी इस से आइना-ख़ाना तो क्या होगा
اگر چھوٹا بھی اس سے آئنہ خانہ تو کیا ہوگا
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें