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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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चोरी में दिल की वो हुनर कर गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
چوری میں دل کی وہ ہنر کر گیا
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जब नाम तेरा लीजिए तब चश्म भर आवे
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب نام ترا لیجیے تب چشم بھر آوے
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हसरत-ए-दीद में गुज़रां हैं ज़माने कब से
فیض احمد فیض द्वारा
حسرتِ دید میں گزراں ہیں زمانے کب سے
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जिस सर को ग़ुरूर आज है यां ताजवरी का
मीर तक़ी मीर द्वारा
جس سر کو غرور آج ہے یاں تاجوری کا
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हुस्न मरहून जोश-ए-बादः-ए-नाज़
فیض احمد فیض द्वारा
حسن مرہون جوش بادۂ ناز
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ढूंढा न पाईए जो इस वक़्त में सो ज़र है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ڈھونڈا نہ پائیے جو اس وقت میں سو زر ہے
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आलम में कोई दिल का तलबगार न पाया
मीर तक़ी मीर द्वारा
عالم میں کوئی دل کا طلب گار نہ پایا
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कुछ मुहतसिबों की ख़लवत में कुछ वाइज़ के घर जाती है
فیض احمد فیض द्वारा
کچھ محتسبوں کی خلوت میں کچھ واعظ کے گھر جاتی ہے
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करे क्या कि दिल भी तो मजबूर है
मीर तक़ी मीर द्वारा
کرے کیا کہ دل بھی تو مجبور ہے
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बे-दम हुए बीमार दवा क्यों नहीं देते
فیض احمد فیض द्वारा
بے دم ہوئے بیمار دوا کیوں نہیں دیتے
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ज़ख़्म झेले दाग़ भी खाए बहुत
मीर तक़ी मीर द्वारा
زخم جھیلے داغ بھی کھائے بہت
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तरे ग़म को जां की तलाश थी तरे जां-निसार चले गए
فیض احمد فیض द्वारा
ترے غم کو جاں کی تلاش تھی ترے جاں نثار چلے گئے
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दिल जो था इक आबला फूटा गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل جو تھا اک آبلہ پھوٹا گیا
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हमारे आगे तिरा जब कसू ने नाम लिया
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہمارے آگے ترا جب کسو نے نام لیا
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फिर हरीफ़-ए-बहार हो बैठे
فیض احمد فیض द्वारा
پھر حریفِ بہار ہو بیٹھے
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रही निगुफ़्ता मेरे दिल में दास्तान मेरी
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہی نگفتہ مرے دل میں داستاں میری
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याद-ए-ग़ज़ाल चश्माں ज़िक्र-ए-समन अज़ारاں
فیض احمد فیض द्वारा
یاد غزال چشماں ذکر سمن عذاراں
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क़र्ज़-ए-निगाह-ए-यार अदा कर चुके हैं हम
فیض احمد فیض द्वारा
قرض نگاہ یار ادا کر چکے ہیں ہم
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आज कल बेक़रार हैं हम भी
मीर तक़ी मीर द्वारा
آج کل بے قرار ہیں ہم بھی
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