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दिल बहम पहुँचा बदन में तब से सारा तन जला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل بہم پہنچا بدن میں تب سے سارا تن جلا
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हर कोई तुर्रा-ए-पेचाक पहन कर निकला
अहमद फ़राज़ द्वारा
ہر کوئی طرۂ پیچاک پہن کر نکلا
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