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किस को सुनाऊँ हाल-ए-ग़म कोई ग़म-आशना नहीं
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
کس کو سناؤں حال غم کوئی غم آشنا نہیں
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कभी जब मुद्दतों के बाद उस का सामना होगा
जौन एलिया द्वारा
کبھی جب مدتوں کے بعد اس کا سامنا ہوگا
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तुझ से मिल कर तो ये लगता है कि ऐ अजनबी दोस्त
अहमद फ़राज़ द्वारा
تجھ سے مل کر تو یہ لگتا ہے کہ اے اجنبی دوست
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ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया
जौन एलिया द्वारा
ضبط کر کے ہنسی کو بھول گیا
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भीड़ में इक अजनबी का सामना अच्छा लगा
Amjad Islam Amjad द्वारा
بھیڑ میں اک اجنبی کا سامنا اچھا لگا
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हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं
जौन एलिया द्वारा
ہم تو جیسے وہاں کے تھے ہی نہیں
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थे ख़्वाब एक हमारे भी और तुम्हारे भी
Amjad Islam Amjad द्वारा
تھے خواب ایک ہمارے بھی اور تمہارے بھی
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