ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
अलम
सभी
28
अशआर
0
ग़ज़ल
28
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
बग़ैर दिल के यह क़ीमत है सारे आलम की
मीर तक़ी मीर द्वारा
بغیر دل کہ یہ قیمت ہے سارے عالم کی
0
काबे में जाँ-ब-लब थे हम दूरी-ए-बुताँ से
मीर तक़ी मीर द्वारा
کعبے میں جاں بہ لب تھے ہم دوریٔ بتاں سے
0
तीर जो उस कमान से निकला
मीर तक़ी मीर द्वारा
تیر جو اس کمان سے نکلا
0
एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा
परवीन शाकिर द्वारा
ایک سورج تھا کہ تاروں کے گھرانے سے اٹھا
0
आह और अश्क ही सदा है याँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
آہ اور اشک ہی سدا ہے یاں
0
मैं भी दुनिया में हूँ इक नाल-ए-परेशाँ यक जा
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں بھی دنیا میں ہوں اک نالۂ پریشاں یک جا
0
गई छाओं उस तेग़ की सर से जब की
मीर तक़ी मीर द्वारा
گئی چھاؤں اس تیغ کی سر سے جب کی
0
अब नहीं सीने में मेरे जाए दाग़
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب نہیں سینے میں میرے جائے داغ
0
हो का आलम है यहाँ नाला-गरों के होते
जौन एलिया द्वारा
ہو کا عالم ہے یہاں نالہ گروں کے ہوتے
0
मिसाल साया मोहब्बत में जाल अपना हूँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
مثال سایہ محبت میں جال اپنا ہوں
0
गर्म हैं शोर से तुझ हुस्न के बाज़ार कई
मीर तक़ी मीर द्वारा
گرم ہیں شور سے تجھ حسن کے بازار کئی
0
है बिखरने को यह महफ़िल रंग-ओ-बू, तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे
जौन एलिया द्वारा
ہے بکھرنے کو یہ محفل رنگ و بو تم کہاں جاؤ گے ہم کہاں جائیں گے
0
मिज़्गान-ए-तर हूँ या रग-ए-ताक बुरीदा हूँ
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مژگان تر ہوں یا رگ تاک بریدہ ہوں
0
अजब हालत हमारी हो गई है
जौन एलिया द्वारा
عجب حالت ہماری ہو گئی ہے
0
मुवा मैं सजदे में पर नक़्श मेरा बार रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
موا میں سجدے میں پر نقش میرا بار رہا
0
दिन नहीं रात नहीं सुब्ह नहीं शाम नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
دن نہیں رات نہیں صبح نہیں شام نہیں
0
सुख़न मुश्ताक़ है आलम हमारा
मीर तक़ी मीर द्वारा
سخن مشتاق ہے عالم ہمارا
0
कब तलक जी रुके ख़फ़ा होवे
मीर तक़ी मीर द्वारा
کب تلک جی رکے خفا ہووے
0
दामान-ए-कोह में जो मैं ढाढ़ मार रोया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دامان کوہ میں جو میں ڈاڑھ مار رویا
0
दिल पहुँचा हलाकी को निपट खेंच कसाला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل پہنچا ہلاکی کو نپٹ کھینچ کسالا
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें