ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
अज़ाब
सभी
20
अशआर
0
ग़ज़ल
20
ग़ज़ल
20
0
दिल जो ज़ेर-ए-ग़ुबार अक्सर था
دل جو زیر غبار اکثر تھا
0
नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तजू ही सही
نہیں نگاہ میں منزل تو جستجو ہی سہی
0
हसरत-ए-दीद में गुज़रां हैं ज़माने कब से
حسرتِ دید میں گزراں ہیں زمانے کب سے
0
दिल बहम पहुँचा बदन में तब से सारा तन जला
دل بہم پہنچا بدن میں تب سے سارا تن جلا
0
आए कुछ अब्र कुछ शराब आए
آئے کچھ ابر کچھ شراب آئے
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें