ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
बेक़रारी
सभी
10
अशआर
0
ग़ज़ल
10
ग़ज़ल
10
0
हस्ती अपनी हबाब की सी है
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
0
जी में है याद रुख-ओ-ज़ुल्फ़-ए-सियाह-फ़ाम बहुत
جی میں ہے یاد رخ و زلف سیہ فام بہت
0
आरज़ूएं हज़ार रखते हैं
آرزوئیں ہزار رکھتے ہیں
0
आज कल बेक़रार हैं हम भी
آج کل بے قرار ہیں ہم بھی
0
कब ठहरे गा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
کب ٹھہرے گا درد اے دل کب رات بسر ہوگی
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें