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दीवानगी-ए-इश्क़
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सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं
سنا ہے لوگ اسے آنکھ بھر کے دیکھتے ہیں
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हुस्न-ए-बुतां का इश्क़ मेरी जान हो गया
حسن بتاں کا عشق مری جان ہو گیا
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उस का अपना ही करिश्मा है फ़सूँ है यूँ है
اس کا اپنا ہی کرشمہ ہے فسوں ہے یوں ہے
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हम अपने आँसुओं का अफ़साना क्या सुनाएँ
ہم اپنے آنسوؤں کا افسانہ کیا سنائیں
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शब शम्अ पर पतंग के आने को इश्क़ है
شب شمع پر پتنگ کے آنے کو عشق ہے
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