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सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं
अहमद फ़राज़ द्वारा
سنا ہے لوگ اسے آنکھ بھر کے دیکھتے ہیں
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हुस्न-ए-बुतां का इश्क़ मेरी जान हो गया
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
حسن بتاں کا عشق مری جان ہو گیا
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उस का अपना ही करिश्मा है फ़सूँ है यूँ है
अहमद फ़राज़ द्वारा
اس کا اپنا ہی کرشمہ ہے فسوں ہے یوں ہے
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हम अपने आँसुओं का अफ़साना क्या सुनाएँ
अहमद फ़राज़ द्वारा
ہم اپنے آنسوؤں کا افسانہ کیا سنائیں
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शब शम्अ पर पतंग के आने को इश्क़ है
मीर तक़ी मीर द्वारा
شب شمع پر پتنگ کے آنے کو عشق ہے
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ये रस्ते में किस से मुलाक़ात कर ली
قمر جلالوی द्वारा
یہ رستے میں کس سے ملاقات کر لی
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शश-जिहत से उस में ज़ालिम बू-ए-ख़ूँ की राह है
मीर तक़ी मीर द्वारा
شش جہت سے اس میں ظالم بوئے خوں کی راہ ہے
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न रुकते हैं आँसू न थमते हैं नाले
قمر جلالوی द्वारा
نہ رکتے ہیں آنسو نہ تھمتے ہیں نالے
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ये मैं भी क्या हूँ उसे भूल कर उसी का रहा
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ میں بھی کیا ہوں اسے بھول کر اسی کا رہا
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दिल में अब ताक़त कहाँ ख़ूँ नाबा अफ़शानी करे
अहमद फ़राज़ द्वारा
دل میں اب طاقت کہاں خوں نابہ افشانی کرے
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