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दिल की वीरानी
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अब वो घर इक वीराना था बस वीराना ज़िंदा था
اب وہ گھر اک ویرانہ تھا بس ویرانہ زندہ تھا
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हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं
ہم تو جیسے وہاں کے تھے ہی نہیں
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दिल के तईं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया
دل کے تیں آتش ہجراں سے بچایا نہ گیا
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मानिंद-ए-शम्अ-ए-मजलिस-ए-शब अश्कबार पाया
مانند شمع مجلس شب اشکبار پایا
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अब तरी याद के जुगनू चमके
اب تری یاد کے جگنو چمکے
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