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हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे
ہم آندھیوں کے بن میں کسی کارواں کے تھے
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एक परवाज़ को भी रुख़सत-ए-सय्याद नहीं
ایک پرواز کو بھی رخصت صیاد نہیں
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अपनी ही आवाज़ को बे शक कान में रखना
اپنی ہی آواز کو بے شک کان میں رکھنا
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कमाल-ए-हुस्न है हुस्न-ए-कमाल से बाहर
کمال حسن ہے حسن کمال سے باہر
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बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना
بادباں کھلنے سے پہلے کا اشارہ دیکھنا
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