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कौन से शौक़ किस हवस का नहीं
जौन एलिया द्वारा
کون سے شوق کس ہوس کا نہیں
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शाम तक मेरी बेकली है शराब
जौन एलिया द्वारा
شام تک میری بیکلی ہے شراب
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क्या ये आफ़त नहीं अज़ाब नहीं
जौन एलिया द्वारा
کیا یہ آفت نہیں عذاب نہیں
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किसी से कोई ख़फ़ा भी नहीं रहा अब तो
जौन एलिया द्वारा
کسی سے کوئی خفا بھی نہیں رہا اب تو
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शाम थी और बर्ग-ओ-गुल शल थे मगर सबा भी थी
जौन एलिया द्वारा
شام تھی اور برگ و گل شل تھے مگر صبا بھی تھی
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क्या हो गया है गेसु-ए-ख़म-दार को तेरे
जौन एलिया द्वारा
کیا ہو گیا ہے گیسوئے خم دار کو ترے
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हवास में तो न थे फिर भी क्या न कर आए
जौन एलिया द्वारा
حواس میں تو نہ تھے پھر بھی کیا نہ کر آئے
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दिल गुमाँ था गुमानियाँ थे हम
जौन एलिया द्वारा
دل گماں تھا گمانیاں تھے ہم
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लहद और हशर में ये फ़र्क़ कम पाए नहीं जाते
قمر جلالوی द्वारा
لحد اور حشر میں یہ فرق کم پائے نہیں جاتے
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तश्हीर अपने दर्द की हर सू कराइए
Amjad Islam Amjad द्वारा
تشہیر اپنے درد کی ہر سو کرائیے
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मोहब्बत का जब रोज़ बाज़ार होगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
محبت کا جب روز بازار ہوگا
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क्या मुसीबत-ज़दा दिल माइल-ए-आज़ार न था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا مصیبت زدہ دل مائل آزار نہ تھا
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तग़ाफ़ुल दोस्त हूँ मेरा दिमाग़ अज्ज़ आली है
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
تغافل دوست ہوں میرا دماغ عجز عالی ہے
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क़तरा-ए-मय बस्कि हैरत से नफ़स-परवर हुआ
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
قطرۂ مے بسکہ حیرت سے نفس پرور ہوا
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नाला जुज़ हुस्न-ए-तलब ऐ सितम-ईजाद नहीं
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
نالہ جز حسن طلب اے ستم ایجاد نہیں
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वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
परवीन शाकिर द्वारा
وہ تو خوش بو ہے ہواؤں میں بکھر جائے گا
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हुसूल काम का दिल-ख़्वाह याँ हुआ भी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
حصول کام کا دل خواہ یاں ہوا بھی ہے
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बे-दिली क्या यूँ ही दिन गुज़र जाएँगे
जौन एलिया द्वारा
بے دلی کیا یوں ہی دن گزر جائیں گے
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फ़ुर्क़त में वसलत बरपा है अल्लाह हू के बाड़े में
जौन एलिया द्वारा
فرقت میں وصلت برپا ہے اللہ ہو کے باڑے میں
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शिकवा अव्वल तो बे-हिसाब किया
जौन एलिया द्वारा
شکوہ اول تو بے حساب کیا
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