ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
फ़ना-पज़ीरी
सभी
3
अशआर
0
ग़ज़ल
3
ग़ज़ल
3
0
बे-यार शहर-ए-दिल का वीरान हो रहा है
بے یار شہر دل کا ویران ہو رہا ہے
0
आँखों से इक ख़्वाब गुज़रने वाला है
آنکھوں سے اک خواب گزرنے والا ہے
0
फ़लक करने के क़ाबिल आसमाँ है
فلک کرنے کے قابل آسماں ہے
कवियों की सूची
कवियों
और जानें