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है किस क़दर हलाक-ए-फ़रेब-ए-वफ़ा-ए-गुल
ہے کس قدر ہلاک فریب وفائے گل
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साये ढलने चराग़ जलने लगे
سائے ڈھلنے چراغ جلنے لگے
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है हाल जाए गिर्यः जान पर आरज़ू का
ہے حال جائے گریہ جان پر آرزو کا
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खेल उस ने दिखा के जादू के
کھیل اس نے دکھا کے جادو کے
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यार मेरा बहुत है यार फ़रेब
یار میرا بہت ہے یار فریب
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