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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे
کتنے عیش سے رہتے ہوں گے کتنے اتراتے ہوں گے
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ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं
ٹھیک ہے خود کو ہم بدلتے ہیں
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उसके पहलू से लग के चलते हैं
اس کے پہلو سے لگ کے چلتے ہیں
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