ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

मय

सभी 4अशआर 0ग़ज़ल 4
ग़ज़ल4
कल मीर ने क्या क्या की मय के लिए बेताबी
کل میرؔ نے کیا کیا کی مے کے لیے بیتابی
ग़ैरों से मिल चले तुम मस्त शराब हो कर
غیروں سے مل چلے تم مست شراب ہو کر
नई तर्ज़ों से मयख़ाने में रंग-ए-मय झलकता था
نئی طرزوں سے میخانے میں رنگ مے جھلکتا تھا
क़तरा-ए-मय बस्कि हैरत से नफ़स-परवर हुआ
قطرۂ مے بسکہ حیرت سے نفس پرور ہوا
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview