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हस्ती अपनी हबाब की सी है
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
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जब तक मिरी निगाह में तेरा जमाल है
جب تک مری نگاہ میں تیرا جمال ہے
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यारो मुझे माफ़ रखो मैं नशे में हूँ
یارو مجھے معاف رکھو میں نشے میں ہوں
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आज यूं मौज दर मौज ग़म थम गया
آج یوں موج در موج غم تھم گیا
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