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अब किसी से मिरा हिसाब नहीं
اب کسی سے مرا حساب نہیں
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अपना ख़ाका लगता हूँ
اپنا خاکہ لگتا ہوں
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सर ही अब फोड़िए नदामत में
سر ہی اب پھوڑیے ندامت میں
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दिल परेशाँ है क्या किया जाए
دل پریشاں ہے کیا کیا جائے
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ईज़ा-दही की दाद जो पाता रहा हूँ मैं
ایذا دہی کی داد جو پاتا رہا ہوں میں
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