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कभी जब मुद्दतों के बाद उस का सामना होगा
کبھی جب مدتوں کے بعد اس کا سامنا ہوگا
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दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं
دشت دل میں سراب تازہ ہیں
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बग़ैर दिल के यह क़ीमत है सारे आलम की
بغیر دل کہ یہ قیمت ہے سارے عالم کی
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सैर के क़ाबिल है दिल सद-पारा उस नख़चीर का
سیر کے قابل ہے دل صد پارہ اس نخچیر کا
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हाल यह है कि ख़्वाहिश-ए-पुरसिश-ए-हाल भी नहीं
حال یہ ہے کہ خواہش پرسش حال بھی نہیں
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