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तुझ से मिल कर तो ये लगता है कि ऐ अजनबी दोस्त
تجھ سے مل کر تو یہ لگتا ہے کہ اے اجنبی دوست
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गाहे गाहे बस अब यही हो क्या
گاہے گاہے بس اب یہی ہو کیا
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हर आशना में कहाँ ख़ू-ए-महरमाना वो
ہر آشنا میں کہاں خوئے محرمانہ وہ
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