ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
क़फ़स
सभी
28
अशआर
0
ग़ज़ल
28
ग़ज़ल
28
0
हुक्म-ए-सैय्याद है ता ख़त्म-ए-तमाशाए-बहार
حکم صیاد ہے تا ختم تماشائے بہار
0
मुझे बाग़बां से गिला यह है कि चमन से बे-ख़बरी रही
مجھے باغباں سے گلہ یہ ہے کہ چمن سے بے خبری رہی
0
अब के भी सैर-ए-बाग़ की जी में हवस रही
اب کے بھی سیر باغ کی جی میں ہوس رہی
0
ऐ अब्र-ए-तर तू और किसी सिम्त को बरस
اے ابر تر تو اور کسی سمت کو برس
0
तुझे क्या नासिहा अहबाब खुद समझाए जाते हैं
تجھے کیا ناصحا احباب خود سمجھائے جاتے ہیں
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें