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अब्रू तो दिखा दीजिए शमशीर से पहले
قمر جلالوی द्वारा
ابرو تو دکھا دیجئے شمشیر سے پہلے
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नाला-ए-अज्ज़ नक़्स-ए-उल्फ़त है
मीर तक़ी मीर द्वारा
نالۂ عجز نقص الفت ہے
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अब मुझे गुलशन से क्या जब ज़ेर-ए-दाम आ ही गया
قمر جلالوی द्वारा
اب مجھے گلشن سے کیا جب زیر دام آ ہی گیا
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