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पूरा दुख और आधा चाँद
پورا دکھ اور آدھا چاند
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तारा तारा उतर रही है रात समंदर में
تارا تارا اتر رہی ہے رات سمندر میں
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उन की तरफ़ से तर्क-ए-मुलाक़ात हो गई
ان کی طرف سے ترک ملاقات ہو گئی
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न जाओ घर अभी तो रात है बादल भी काले हैं
نہ جاؤ گھر ابھی تو رات ہے بادل بھی کالے ہیں
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पलकों पे थे पार-ए-जिगर रात
پلکوں پہ تھے پارۂ جگر رات
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