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हवा-ए-ताज़ा में फिर जिस्म-ओ-जाँ बसाने का
ہوائے تازہ میں پھر جسم و جاں بسانے کا
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परदे में इस बदन के छुपें राज़ किस तरह
پردے میں اس بدن کے چھپیں راز کس طرح
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