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तारा तारा उतर रही है रात समंदर में
تارا تارا اتر رہی ہے رات سمندر میں
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हर जज़्र-ओ-मद से दस्त-ओ-बग़ल उठते हैं ख़रोश
ہر جزر و مد سے دست و بغل اٹھتے ہیں خروش
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