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साये ढलने चराग़ जलने लगे
سائے ڈھلنے چراغ جلنے لگے
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हुई है शाम तो आँखों में बस गया फिर तो
ہوئی ہے شام تو آنکھوں میں بس گیا پھر تو
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शाम आई तिरी यादों के सितारे निकले
شام آئی تری یادوں کے ستارے نکلے
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