ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

शिकस्त

सभी 11अशआर 0ग़ज़ल 11
ग़ज़ल11
दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं
دشت دل میں سراب تازہ ہیں
बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना
بادباں کھلنے سے پہلے کا اشارہ دیکھنا
तड़प उठूँ भी तो ज़ालिम तेरी दुहाई न दूँ
تڑپ اٹھوں بھی تو ظالم تری دہائی نہ دوں
जानां दिल का शहर नगर अफ़सोस का है
جاناں دل کا شہر نگر افسوس کا ہے
तुम्हारा हाथ जब मेरे लरज़ते हाथ से छूटा ख़िज़ाँ के आख़िरी दिन थे
تمہارا ہاتھ جب میرے لرزتے ہاتھ سے چھوٹا خزاں کے آخری دن تھے
सभी देखें
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview