ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
शिकस्त
सभी
11
अशआर
0
ग़ज़ल
11
ग़ज़ल
11
0
दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं
دشت دل میں سراب تازہ ہیں
0
बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना
بادباں کھلنے سے پہلے کا اشارہ دیکھنا
0
तड़प उठूँ भी तो ज़ालिम तेरी दुहाई न दूँ
تڑپ اٹھوں بھی تو ظالم تری دہائی نہ دوں
0
जानां दिल का शहर नगर अफ़सोस का है
جاناں دل کا شہر نگر افسوس کا ہے
0
तुम्हारा हाथ जब मेरे लरज़ते हाथ से छूटा ख़िज़ाँ के आख़िरी दिन थे
تمہارا ہاتھ جب میرے لرزتے ہاتھ سے چھوٹا خزاں کے آخری دن تھے
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें