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दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं
Amjad Islam Amjad द्वारा
دشت دل میں سراب تازہ ہیں
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बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना
परवीन शाकिर द्वारा
بادباں کھلنے سے پہلے کا اشارہ دیکھنا
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तड़प उठूँ भी तो ज़ालिम तेरी दुहाई न दूँ
अहमद फ़राज़ द्वारा
تڑپ اٹھوں بھی تو ظالم تری دہائی نہ دوں
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जानां दिल का शहर नगर अफ़सोस का है
अहमद फ़राज़ द्वारा
جاناں دل کا شہر نگر افسوس کا ہے
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तुम्हारा हाथ जब मेरे लरज़ते हाथ से छूटा ख़िज़ाँ के आख़िरी दिन थे
Amjad Islam Amjad द्वारा
تمہارا ہاتھ جب میرے لرزتے ہاتھ سے چھوٹا خزاں کے آخری دن تھے
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मैं तो मक़्तल में भी क़िस्मत का सिकंदर निकला
अहमद फ़राज़ द्वारा
میں تو مقتل میں بھی قسمت کا سکندر نکلا
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कशीदा सर से तवक़्क़ो अबस झुकाव की थी
अहमद फ़राज़ द्वारा
کشیدہ سر سے توقع عبث جھکاؤ کی تھی
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क़ाबू ख़िज़ाँ से ज़ो'फ़ का गुलशन में बन गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
قابو خزاں سے ضعف کا گلشن میں بن گیا
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दौलत-ए-दहर सब लुटाई है
जौन एलिया द्वारा
دولت دہر سب لٹائی ہے
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यूँ तो पहले भी हुए उस से कई बार जुदा
अहमद फ़राज़ द्वारा
یوں تو پہلے بھی ہوئے اس سے کئی بار جدا
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लम्हे लम्हे की ना-रसाई है
जौन एलिया द्वारा
لمحے لمحے کی نارسائی ہے
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