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कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा हात नहीं
کب یاد میں تیرا ساتھ نہیں کب ہات میں تیرا ہات نہیں
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सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते
سلسلے توڑ گیا وہ سبھی جاتے جاتے
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छाती जला करे है सोज़-ए-दरूँ बला है
چھاتی جلا کرے ہے سوز دروں بلا ہے
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ज़िंदगी दर्द भी दवा भी थी
زندگی درد بھی دوا بھی تھی
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आगे हमारे अहद से वहशत को जा न थी
آگے ہمارے عہد سے وحشت کو جا نہ تھی
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