ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

ज़ख़्म

सभी 9अशआर 0ग़ज़ल 9
ग़ज़ल9
दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं
دشت دل میں سراب تازہ ہیں
सैर के क़ाबिल है दिल सद-पारा उस नख़चीर का
سیر کے قابل ہے دل صد پارہ اس نخچیر کا
कली कहते हैं उस का सा दहन है
کلی کہتے ہیں اس کا سا دہن ہے
बिछड़ा है जो इक बार तो मिलते नहीं देखा
بچھڑا ہے جو اک بار تو ملتے نہیں دیکھا
दुख नोश्ता है तो आँधी को लिखा आहिस्ता
دکھ نوشتہ ہے تو آندھی کو لکھا آہستہ
सभी देखें
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview