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मूसै समझे थे अरमाँ निकल जाएगा
قمر جلالوی द्वारा
موسیٰ سمجھے تھے ارماں نکل جائے گا
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थक गया है दिल-ए-वहशी मिरा फ़रियाद से भी
परवीन शाकिर द्वारा
تھک گیا ہے دل وحشی مرا فریاد سے بھی
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