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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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चोरी में दिल की वो हुनर कर गया
چوری میں دل کی وہ ہنر کر گیا
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जब नाम तेरा लीजिए तब चश्म भर आवे
جب نام ترا لیجیے تب چشم بھر آوے
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हसरत-ए-दीद में गुज़रां हैं ज़माने कब से
حسرتِ دید میں گزراں ہیں زمانے کب سے
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जिस सर को ग़ुरूर आज है यां ताजवरी का
جس سر کو غرور آج ہے یاں تاجوری کا
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