ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
आह
सभी
40
अशआर
0
ग़ज़ल
40
ग़ज़ल
40
0
मेरी लौ लगी है तुझसे ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
0
उम्र भर हम रहे शराबी से
عمر بھر ہم رہے شرابی سے
0
अश्क आँखों में कब नहीं आता
اشک آنکھوں میں کب نہیں آتا
0
ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा
غم رہا جب تک کہ دم میں دم رہا
0
शर्ह-ए-बेदर्दी-ए-हालात न होने पाई
شرح بے دردئ حالات نہ ہونے پائی
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें