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उम्र भर हम रहे शराबी से
عمر بھر ہم رہے شرابی سے
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चांद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का
چاند نکلے کسی جانب تری زیبائی کا
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है वजह कोई ख़ास मेरी आँख जो नम है
ہے وجہ کوئی خاص مری آنکھ جو نم ہے
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आँख उठी मोहब्बत ने अंगड़ाई ली
آنکھ اٹھی محبت نے انگڑائی لی
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लब तेरे लअल-ए-नाब हैं दोनों
لب ترے لعل ناب ہیں دونوں
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