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मेरी लौ लगी है तुझसे ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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ऐ दोस्त कोई मुझ सा रुस्वा न हुआ होगा
اے دوست کوئی مجھ سا رسوا نہ ہوا ہوگا
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हमारे आगे तिरा जब कसू ने नाम लिया
ہمارے آگے ترا جب کسو نے نام لیا
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क्या कहूं तुम से मैं कि क्या है इश्क़
کیا کہوں تم سے میں کہ کیا ہے عشق
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