ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
बख़्त-ए-सियाह
सभी
3
अशआर
0
ग़ज़ल
3
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
सवाल छोड़ कि हालत ये क्यों बनाई है
قمر جلالوی द्वारा
سوال چھوڑ کہ حالت یہ کیوں بنائی ہے
0
क़ाबू ख़िज़ाँ से ज़ो'फ़ का गुलशन में बन गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
قابو خزاں سے ضعف کا گلشن میں بن گیا
0
जला दिया शजर-ए-जाँ के सब्ज़ बख़्त न था
परवीन शाकिर द्वारा
جلا دیا شجر جاں کہ سبز بخت نہ تھا
कवियों की सूची
कवियों
और जानें