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बरश्काल-ए-गिर्या-ए-आशिक़ है देखा चाहिए
برشکال گریۂ عاشق ہے دیکھا چاہیے
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नसीब आज़माने के दिन आ रहे हैं
نصیب آزمانے کے دن آ رہے ہیں
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ऐ मेरे हम-नशीं चल कहीं और चल इस चमन में अब अपना गुज़ारा नहीं
اے مرے ہم نشیں چل کہیں اور چل اس چمن میں اب اپنا گزارہ نہیں
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सैर कर अंदलीब का अहवाल
سیر کر عندلیب کا احوال
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