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दर्द-ए-दिल
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वहशत थी हमें भी वही घर बार से अब तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
وحشت تھی ہمیں بھی وہی گھر بار سے اب تک
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ज़िक्र भी उस से क्या भला मेरा
जौन एलिया द्वारा
ذکر بھی اس سے کیا بھلا میرا
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वो आग़ाज़-ए-मोहब्बत का ज़माना
قمر جلالوی द्वारा
وہ آغاز محبت کا زمانہ
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अब ज़ोफ़ से ढहता है बेताबी शिताबि की
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب ضعف سے ڈھہتا ہے بیتابی شتابی کی
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कोफ़्त से जान लब पे आई है
मीर तक़ी मीर द्वारा
کوفت سے جان لب پہ آئی ہے
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जुज़ तेरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे
अहमद फ़राज़ द्वारा
جز ترے کوئی بھی دن رات نہ جانے میرے
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बदन में आग है चेहरा गुलाब जैसा है
अहमद फ़राज़ द्वारा
بدن میں آگ ہے چہرہ گلاب جیسا ہے
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भला होगा कुछ इक अहवाल उस से या बुरा होगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
بھلا ہوگا کچھ اک احوال اس سے یا برا ہوگا
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जो देखो मिरे शेर-ए-तर की तरफ़
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو دیکھو مرے شعر تر کی طرف
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अब नहीं सीने में मेरे जाए दाग़
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب نہیں سینے میں میرے جائے داغ
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कसरत-ए-दाग़ से दिल रश्क-ए-गुलिस्ताँ न हुआ
मीर तक़ी मीर द्वारा
کثرت داغ سے دل رشک گلستاں نہ ہوا
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सोज़िश-ए-दिल से मुफ़्त गुलते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
سوزش دل سے مفت گلتے ہیں
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तुझी को जो याँ जल्वा फ़रमा न देखा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
تجھی کو جو یاں جلوہ فرما نہ دیکھا
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मशहूर हैं दिलों की मिरे बे-क़रारियाँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
مشہور ہیں دلوں کی مرے بے قراریاں
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सीना है चाक जिगर पारा है दिल सब ख़ूँ है
मीर तक़ी मीर द्वारा
سینہ ہے چاک جگر پارہ ہے دل سب خوں ہے
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रुकने का समय गुज़र गया है
परवीन शाकिर द्वारा
رکنے کا سمے گزر گیا ہے
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मुझे दर से अपने तो टाले है यह बता मुझे तू कहाँ नहीं
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مجھے در سے اپنے تو ٹالے ہے یہ بتا مجھے تو کہاں نہیں
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दिल के तईं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل کے تیں آتش ہجراں سے بچایا نہ گیا
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रफ़्तार-ओ-तौर-ओ-तर्ज़-ओ-रविश का ये ढब है क्या
मीर तक़ी मीर द्वारा
رفتار و طور و طرز و روش کا یہ ڈھب ہے کیا
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हाल दिल 'मीर' का रो रो के सब ऐ माह सुना
मीर तक़ी मीर द्वारा
حال دل میرؔ کا رو رو کے سب اے ماہ سنا
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