ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
दिल शिकस्ता
सभी
58
अशआर
0
ग़ज़ल
58
ग़ज़ल
58
0
क़ुर्बतों में भी जुदाई के ज़माने माँगे
قربتوں میں بھی جدائی کے زمانے مانگے
0
चोरी में दिल की वो हुनर कर गया
چوری میں دل کی وہ ہنر کر گیا
0
देख तो दिल के जां से उठता है
دیکھ تو دل کہ جاں سے اٹھتا ہے
0
मक्का गया मदीना गया कर्बला गया
مکہ گیا مدینہ گیا کربلا گیا
0
उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया
الٹی ہو گئیں سب تدبیریں کچھ نہ دوا نے کام کیا
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें