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उम्र भर हम रहे शराबी से
عمر بھر ہم رہے شرابی سے
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मुँह तका ही करे है जिस तिस का
منہ تکا ہی کرے ہے جس تس کا
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रफ़्तगां में जहां के हम भी हैं
رفتگاں میں جہاں کے ہم بھی ہیں
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न देर में न हरम में जबीं झुकी होगी
نہ دیر میں نہ حرم میں جبیں جھکی ہوگی
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देख तो दिल के जाँ से उठता है
دیکھ تو دل کہ جاں سے اٹھتا ہے
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