ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
दोस्त
सभी
6
अशआर
0
ग़ज़ल
6
ग़ज़ल
6
0
रफ़ाक़तों में पशेमानियाँ तो होती हैं
رفاقتوں میں پشیمانیاں تو ہوتی ہیں
0
जब तुझे याद करें कार-ए-जहाँ खींचता है
جب تجھے یاد کریں کار جہاں کھینچتا ہے
0
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
دوست بن کر بھی نہیں ساتھ نبھانے والا
0
ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें
لے اڑا پھر کوئی خیال ہمیں
0
दिल बदन का शरीक-ए-हाल कहाँ
دل بدن کا شریک حال کہاں
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें