ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
दुनियादारी
सभी
7
अशआर
0
ग़ज़ल
7
ग़ज़ल
7
0
अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से
اب اتنی سادگی لائیں کہاں سے
0
तेरा ये लुत्फ़ किसी ज़ख़्म का उनवान न हो
تیرا یہ لطف کسی زخم کا عنوان نہ ہو
0
परदे में इस बदन के छुपें राज़ किस तरह
پردے میں اس بدن کے چھپیں راز کس طرح
0
जब से उस बेवफ़ा ने बाल रखे
جب سے اس بے وفا نے بال رکھے
0
है बज़्म-ए-बुताँ में सुख़न आज़ुर्दा लबों से
ہے بزم بتاں میں سخن آزردہ لبوں سے
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें