ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

फ़लसफ़ा

सभी 166अशआर 0ग़ज़ल 166
ग़ज़ल166
चमन में सुबह ये कहती थी हो कर चश्म-ए-तर शबनम
چمن میں صبح یہ کہتی تھی ہو کر چشم تر شبنم
मदरसा या दैर था या काबा या बुत-ख़ाना था
مدرسہ یا دیر تھا یا کعبہ یا بت خانہ تھا
ऐसा तिरा रह गुज़र न होगा
ایسا ترا رہ گزر نہ ہوگا
गर्म फ़रियाद रक्खा शक्ल-ए-निहाली ने मुझे
گرم فریاد رکھا شکل نہالی نے مجھے
लो हम मरीज़-ए-इश्क़ के बीमार-दार हैं
لو ہم مریض عشق کے بیمار دار ہیں
सभी देखें
← पिछलाअगला →
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview