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हम हुए तुम हुए कि मीर हुए
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم ہوئے تم ہوئے کہ میرؔ ہوئے
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अमीरों तक रसाई हो चुकी बस
मीर तक़ी मीर द्वारा
امیروں تک رسائی ہو چکی بس
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रहा गर कोई ता क़यामत सलामत
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
رہا گر کوئی تا قیامت سلامت
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तेरे दर से न उठा हूँ न उठूँगा ऐ दोस्त
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
تیرے در سے نہ اٹھا ہوں نہ اٹھوں گا اے دوست
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जग में आ कर इधर उधर देखा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
جگ میں آ کر ادھر ادھر دیکھا
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ग़ुबार-ए-दश्त-ए-तलब में हैं रफ़्तगाँ क्या क्या
Amjad Islam Amjad द्वारा
غبار دشت طلب میں ہیں رفتگاں کیا کیا
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अर्ज़-ओ-समा कहाँ तेरी वुसअत को पा सके
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ارض و سما کہاں تری وسعت کو پا سکے
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पल में जहाँ को देखते मेरे डुबो चुका
मीर तक़ी मीर द्वारा
پل میں جہاں کو دیکھتے میرے ڈبو چکا
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रुख़-ए-निगार से है सोज़-ए-जावेदानी शम्अ
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
رخ نگار سے ہے سوز جاودانی شمع
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बस्तियों में इक सदा-ए-बे-सदा रह जाएगी
Amjad Islam Amjad द्वारा
بستیوں میں اک صدائے بے صدا رہ جائے گی
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कल चमन में गुल-ओ-समन देखा
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل چمن میں گل و سمن دیکھا
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तड़पना भी देखा न बिस्मिल का अपने
मीर तक़ी मीर द्वारा
تڑپنا بھی دیکھا نہ بسمل کا اپنے
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न हम रहे न वो ख़्वाबों की ज़िंदगी ही रही
जौन एलिया द्वारा
نہ ہم رہے نہ وہ خوابوں کی زندگی ہی رہی
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हम ने किस रात नाला सर न किया
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ہم نے کس رات نالہ سر نہ کیا
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गर्मी से मैं तो आतिश-ए-ग़म की पिघल गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
گرمی سے میں تو آتش غم کی پگھل گیا
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गर्म फ़रियाद रक्खा शक्ल-ए-निहाली ने मुझे
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
گرم فریاد رکھا شکل نہالی نے مجھے
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आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है यां
मीर तक़ी मीर द्वारा
آ جائیں ہم نظر جو کوئی دم بہت ہے یاں
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कोई दम भी मैं कब अंदर रहा हूँ
जौन एलिया द्वारा
کوئی دم بھی میں کب اندر رہا ہوں
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